
इंडिगो संकट: दिसंबर 2025 (विस्तृत रिपोर्ट)
इंडिगो का यह संकट भारतीय विमानन इतिहास के सबसे बड़े व्यवधानों में से एक बन गया है। 2 दिसंबर से शुरू हुई यह समस्या 5 दिसंबर को चरम पर थी और अब 10 दिसंबर तक इसमें थोड़ा सुधार देखा जा रहा है, लेकिन स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं है।
1. संकट का असली कारण (The Real Reason)
इस भारी अव्यवस्था के पीछे मुख्य कारण ‘खराब योजना’ और ‘नए नियम’ हैं:
- पायलट रोस्टर और FDTL नियम: सरकार ने पायलटों की थकान कम करने के लिए नए ‘फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन’ (FDTL) नियम लागू किए थे। इसके तहत पायलटों को हफ्ते में कम से कम 48 घंटे (पहले 36 घंटे थे) का आराम देना अनिवार्य था।
- पायलटों की कमी: इंडिगो इन नए नियमों के हिसाब से पर्याप्त पायलटों का इंतजाम करने में विफल रही। रोस्टर (ड्यूटी चार्ट) में गड़बड़ी के कारण अचानक सैकड़ों उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
- अन्य कारण: इसके अलावा, महीने की शुरुआत में माइक्रोसॉफ्ट विंडोज (Microsoft Windows) सर्विस में तकनीकी खराबी और उत्तर भारत में कोहरे (Fog) ने भी आग में घी का काम किया।

2. पिछले 4 दिनों का हाल (7-10 दिसंबर अपडेट)
- रद्द उड़ानों का आंकड़ा: कुल मिलाकर 3,400 से 4,000 उड़ानें रद्द हो चुकी हैं।
- 7 दिसंबर: लगभग 650 उड़ानें रद्द रहीं।
- 9 दिसंबर: स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ (जैसे हैदराबाद में केवल 58 उड़ानें रद्द हुईं), लेकिन पूरी तरह ठीक नहीं।
- 10 दिसंबर (आज): इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स ने दावा किया है कि परिचालन स्थिर हो रहा है और वे “वापस पटरी पर” आ रहे हैं। उम्मीद है कि 15 दिसंबर तक स्थिति पूरी तरह सामान्य होगी।

3. सरकार और DGCA की सख्त कार्रवाई
सरकार ने इस बार काफी कड़ा रुख अपनाया है:
- 10% उड़ानों में कटौती: DGCA ने इंडिगो को अपनी सर्दियों की समय-सारणी (Winter Schedule) में 10% की कटौती करने का आदेश दिया है। इसका मतलब है कि एयरलाइन को अपनी क्षमता से कम उड़ानें भरने को कहा गया है ताकि वह उन्हें सही से संभाल सके।
- कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice): DGCA ने इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस भेजकर पूछा है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।
- किराए पर लगाम (Fare Caps): जब इंडिगो की उड़ानें रद्द हुईं, तो दूसरी एयरलाइनों ने किराए बढ़ा दिए थे। इसे रोकने के लिए सरकार ने हवाई किराए की ऊपरी सीमा (जैसे 1500 किमी से ज्यादा के लिए ₹18,000) तय कर दी।
- राहत (Exemption): स्थिति को संभालने के लिए DGCA ने इंडिगो को नए पायलट नियमों (रात की ड्यूटी आदि) से 10 फरवरी 2026 तक के लिए कुछ अस्थायी छूट दी है।

4. यात्रियों का गुस्सा और ‘माफी किट’ (Apology Kit)
- बैगों का पहाड़: हवाई अड्डों पर हजारों लावारिस बैगों के ढेर लग गए। 8-9 दिसंबर तक सोशल मीडिया पर यात्रियों ने अपनी नाराजगी जाहिर की कि उन्हें 48 घंटे बाद भी अपना सामान नहीं मिला।
- ‘माफी किट’ पर विवाद: इंडिगो ने देरी का सामना कर रहे यात्रियों को नाश्ते के तौर पर एक “गुडी बैग” (Goodie Bag) दिया, जिसे यात्रियों ने सोशल मीडिया पर “मजाक” बताया और कहा कि उन्हें “माफी नहीं, रिफंड और फ्लाइट चाहिए”।
- रेलवे की मदद: फंसे हुए यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने कुछ विशेष ट्रेनें भी चलाईं।

5. रिफंड की स्थिति
- कुल रिफंड: सरकार के अनुसार, अब तक लगभग ₹829 करोड़ (कुछ रिपोर्ट में ₹610 करोड़) का रिफंड प्रोसेस किया जा चुका है।
- डेडलाइन: सरकार ने एयरलाइन को आदेश दिया है कि वह लंबित रिफंड को तुरंत निपटाए।
