
St Columba’s School (अशोक प्लेस, दिल्ली) के कक्षा 10 के 16 वर्षीय छात्र Shourya Patil ने 18 नवंबर 2025 को मेट्रो स्टेशन साहब (राजेंद्र प्लेस मेट्रो स्टेशैन) से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।
उसके बैग से एक हस्तलिखित सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने लिखा था कि उस पर स्कूल में मानसिक प्रताड़ना हुई और शिक्षकों द्वारा अपमानित किया गया।
शौर्य के पिता ने बताया कि पिछले लगभग छह माह से छात्र को बार-बार शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा अलग-थलग किया जा रहा था।
घटना के दिन, उसके टखने में मोच थी जिसकी वजह से वह एक नृत्य अभ्यास नहीं कर सका। इसको लेकर शिक्षकों ने उसे “चेतावनी” दी थी जिसे परिवार का कहना है कि इसने उसे मानसिक रूप से प्रभावित किया।
शौर्य ने स्कूल-परिवर्तन की गुहार लगाई थी और परिवार ने तय किया था कि सत्र के बाद उसे स्कूल बदलवाया जाएगा।
स्कूल काउंसलिंग रूम में वह नियमित जाता था, उसने ‘किसी से बात करने’ की बात कही थी, लेकिन परिवार का कहना है कि उसे पर्याप्त सहायता नहीं मिली।
पुलिस ने इस मामले में शिक्षक-शिक्षिकाओं पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है।
चार शिक्षकों (जिसमें हेडमिस्ट्रेस सहित) को निलंबित कर दिया गया है।
स्कूल प्रबंधन ने निर्देश दिए कि निलंबित शिक्षक स्कूल में नहीं आएँगे और छात्रों-माता-पिता से संवाद नहीं करेंगे।
पुलिस ने स्कूल में CCTV फुटेज मांगी है तथा छात्रों-क्लासमेट्स के बयानों को रिकॉर्ड कर रही है।
यह मामला छात्र मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षक-व्यवहार, अकादमिक दबाव जैसे मुद्दों को उजागर कर रहा है।
छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि स्कूल में काउंसलिंग सुविधाएँ दिखने में थीं, पर वास्तव में “सुरक्षित स्थान” की तरह काम नहीं कर पाईं।
अभिभावकों की प्रतिक्रिया में यह भी आया कि स्कूल-संबंधित व्हाट्सऐप ग्रुप्स में घटना के बाद देर तक कोई सूचना नहीं दी गई थी, जिससे भरोसे की कमी महसूस हुई।

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