
बेंगलुरु:
बेंगलुरु में नकली ‘नंदिनी’ घी रैकेट का भंडाफोड़ होने के कुछ दिन बाद, इसकी सरगना कही जा रही एक महिला और उसके पति को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि दंपत्ति, जिनकी पहचान शिवकुमार और रम्या के रूप में हुई है, एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट चलाते थे और कर्नाटक को-ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स’ फेडरेशन (KMF) के स्वामित्व वाले ब्रांड ‘नंदिनी’ के नाम पर नकली घी बेचते थे।
सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) पुलिस ने इस यूनिट पर छापेमारी की, जिसके दौरान अधिकारियों को नकली घी तैयार करने के लिए इस्तेमाल की जा रही बड़ी और हाई-टेक मशीनें मिलीं। अधिकारियों ने बताया कि यह दंपत्ति उन्नत औद्योगिक उपकरणों की मदद से बड़े पैमाने पर नकली ‘नंदिनी’ उत्पाद तैयार कर रहा था। उत्पादन में इस्तेमाल की गई सारी मशीनरी जब्त कर ली गई है।

इससे पहले, इस रैकेट के संचालन में शामिल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। दक्षिण भारत के सबसे भरोसेमंद डेयरी ब्रांडों में से एक ‘नंदिनी’ की भारी मांग है, जिसका फायदा उठाते हुए आरोपियों ने मिलावटी घी तैयार कर उसे असली बताकर बेच दिया। संदिग्ध सप्लाई पैटर्न के बाद आंतरिक जांच में यह रैकेट सामने आया। 14 नवंबर को सेंट्रल क्राइम ब्रांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन स्क्वॉड और KMF की विजिलेंस विंग की एक संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर इस पूरे ऑपरेशन का पता लगाया।
जांचकर्ताओं ने चामराजपेट के नंजम्बा अग्रहार के कृष्णा एंटरप्राइजेज से जुड़े गोदामों, दुकानों और वाहनों पर छापे मारे — जिसे सप्लाई हब माना जा रहा था। अभियान के दौरान तमिलनाडु से मिलावटी पैक्ड घी ले जा रहे एक वाहन को रोका गया और जब्त कर लिया गया। पुलिस ने कुल 1.26 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की — जिसमें 8,136 लीटर मिलावटी घी (क़ीमत 56.95 लाख रुपये), नकली घी बनाने वाली मशीनरी, मिश्रण में इस्तेमाल किया जा रहा नारियल और पाम तेल, पाँच मोबाइल फोन, 1.19 लाख रुपये नकद और चार बोलेरो गुड्स वाहन (क़ीमत लगभग 60 लाख रुपये) शामिल हैं।

मुख्य बिंदु :
- इस रैकेट में कुल लगभग 8,136 लीटर मिलावटी घी जब्त किया गया।
- पुलिस ने इसके अंदर इस्तेमाल की गई मशीनरी, चार गुड्स-वहन वाहन (goods vehicles), मिलावट के लिए इस्तेमाल हुआ नारियल तेल और पाम ऑइल (coconut and palm oil), साथ ही नकद ₹1.19 लाख, और कई मोबाइल फोन भी ज़ब्त किये।
- इस नेटवर्क की आपूर्ति चैनल का केंद्र माना गया Krishna Enterprises — जो कि शहर में गोदाम, दुकानें और वाहन चलाता था। इन ठिकानों और वाहनों पर छापे मारकर पकड़ा गया।
- आरोप है कि नकली घी असल घी के साथ मिलाकर — या पाम/नारियल तेल मिलाकर — बनाया गया था, ताकि असली जैसा दिखे। अधिकारी अब यह भी जाँच कर रहे हैं कि क्या पशु वसा (animal fat) जैसी और घटक मिलाई गई थीं।
- रैकेट उत्तर प्रदेश नहीं, बल्कि तमिलनाडु में बनी मिलावटी घी को लेकर काम कर रहा था — वहां से घी बनती थी, फिर नकली ब्रांडिंग कर उसे बेचने के लिए भेजा जाता था।
- इस पूरे मामले की पड़ताल Central Crime Branch (CCB) की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन स्क्वॉड और KMF Vigilance Wing ने की — जो कि गुप्त खुफिया सूचना के आधार पर एक संयुक्त टीम थी।
- मामले में अब तक कई लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं — शुरुआती गिरफ्तार चार लोगों के बाद अब दंपत्ति (सरगना) भी गिरफ्तार हुए हैं।
अगर चाहें — तो मैं यह देख सकता हूँ कि क्या पुलिस ने अब तक इस मामले में चार्जशीट दाखिल की है, या अदालत में आरोप-प्रक्रिया कब शुरू हुई — यानी आगे की कानूनी स्थिति क्या है। करना चाहेंगे?

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