पाकिस्तान की सैन्य अदालत (फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल – FGCM) ने पूर्व इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) चीफ लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) फैज हमीद को विभिन्न गंभीर आरोपों में दोषी ठहराया है।
⚖️ मुख्य आरोप और दोषी ठहराया जाना
पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग (ISPR) के अनुसार, फैज हमीद को पाकिस्तान आर्मी एक्ट के तहत चार प्रमुख आरोपों में दोषी पाया गया, जिनमें शामिल हैं:

- राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होना: सैन्य अधिकारी के रूप में राजनीतिक मामलों में सक्रिय रूप से भाग लेना।
- ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट (Official Secrets Act) का उल्लंघन: राज्य की सुरक्षा और हितों के लिए हानिकारक तरीके से आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम का उल्लंघन करना।
- अधिकार और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग: अपने पद का दुरुपयोग करना और सरकारी संसाधनों का गलत इस्तेमाल करना।
- व्यक्तियों को गलत तरीके से नुकसान पहुंचाना: अपने अधिकारों का दुरुपयोग करके निजी व्यक्तियों को अनुचित हानि पहुँचाना।
सैन्य अदालत ने लगभग 15 महीने चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद उन्हें सभी आरोपों में दोषी करार दिया।

⏳ कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया
- शुरुआत: फैज हमीद के खिलाफ फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल (FGCM) की प्रक्रिया अगस्त 2024 में शुरू हुई थी।
- जांच: यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई एक आंतरिक जांच (Internal Probe) का परिणाम थी।
- सुनवाई: यह पूरी प्रक्रिया 15 महीने तक चली, जिसमें उन्हें अपनी पसंद की बचाव टीम सहित सभी कानूनी अधिकार दिए गए थे।
- फैसला: 11 दिसंबर 2025 को सैन्य अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए 14 साल की कैद की सजा सुनाई।
🏛️ पृष्ठभूमि और राजनीतिक संबंध
- इमरान खान के करीबी: फैज हमीद को पाकिस्तान के जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का बहुत करीबी माना जाता है। वह इमरान खान के कार्यकाल (2019-2021) के दौरान ISI चीफ थे और बेहद प्रभावशाली माने जाते थे। ऐसी खबरें थीं कि इमरान खान उन्हें सेना प्रमुख भी बनाना चाहते थे।
- ‘टॉप सिटी’ घोटाला: फैज हमीद के खिलाफ शिकायतों में एक प्रमुख मामला ‘टॉप सिटी’ हाउसिंग स्कीम घोटाले से जुड़ा है। स्कीम के मालिक ने उन पर अपने कार्यालयों और आवासों पर छापेमारी कराने, सोना, हीरे और नकदी जब्त करने, और बाद में उगाही करने का आरोप लगाया था। सुप्रीम कोर्ट ने इन आरोपों को गंभीर मानते हुए जांच का निर्देश दिया था।
- राजनीतिक अस्थिरता में भूमिका: सैन्य बयान में यह भी संकेत दिया गया है कि 9 मई 2023 की हिंसा (इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद हुई देशव्यापी अशांति) सहित राजनीतिक तत्वों के साथ मिलीभगत करके अस्थिरता फैलाने में उनकी भूमिका की अलग से जांच की जा रही है।

🔑 फैसले का महत्व
यह फैसला पाकिस्तान के इतिहास में अभूतपूर्व माना जाता है क्योंकि ISI के किसी भी पूर्व प्रमुख को इस तरह की सैन्य कोर्ट मार्शल और कैद की सज़ा का सामना नहीं करना पड़ा है। यह सेना के भीतर जवाबदेही (Accountability) सुनिश्चित करने की दिशा में एक कड़ा कदम है।
फैज हमीद को इस फैसले के खिलाफ अपील करने का अधिकार भी दिया गया है।
- पाकिस्तान के पूर्व जासूस प्रमुख (लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) फैज हमीद) को एक अभूतपूर्व सैन्य अदालत के फैसले में 14 साल की जेल की सजा सुनाई गई है।
- उन्हें राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने, ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट (Official Secrets Act) का उल्लंघन करने और पद के दुरुपयोग का दोषी पाया गया है।
यह पाकिस्तान के इतिहास में उच्च पदस्थ सैन्य अधिकारी के खिलाफ एक असाधारण कार्रवाई है।


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