
🏛️ $1,00,000 H-1B वीज़ा शुल्क पर 20 अमेरिकी राज्यों का मुकदमा
अमेरिका के 20 राज्यों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा नए H-1B वीज़ा आवेदनों पर $1,00,000 (एक लाख डॉलर) का भारी-भरकम शुल्क लगाने के फैसले के खिलाफ एकजुट होकर बोस्टन की संघीय अदालत (Federal Court in Boston) में मुकदमा दायर किया है।

📅 प्रमुख विवरण
- मुकदमा दायर करने वाले राज्य: कैलिफ़ोर्निया, न्यूयॉर्क, मैसाचुसेट्स, इलिनोइस, न्यू जर्सी, वॉशिंगटन और एरिजोना, कोलोराडो जैसे कुल 20 राज्य इस कानूनी चुनौती का नेतृत्व कर रहे हैं।
- किसके खिलाफ: होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (Department of Homeland Security) की उस नीति के खिलाफ, जिसमें H-1B वीज़ा आवेदन करने वाली कंपनियों पर भारी शुल्क लगाया गया है।
- ट्रंप प्रशासन का फैसला कब लागू हुआ: इसकी घोषणा 19 सितंबर, 2025 को की गई थी और इसे 21 सितंबर से होने वाले आवेदनों पर लागू कर दिया गया था।

⚖️ राज्यों का तर्क (Arguments of the States)
राज्यों ने इस शुल्क को ‘गैर-कानूनी’ (Unlawful) और ‘असंवैधानिक’ (Unconstitutional) बताया है। उनके मुख्य तर्क निम्नलिखित हैं:
- अधिकार का उल्लंघन: कैलिफ़ोर्निया के अटॉर्नी जनरल रॉब बोंटा का तर्क है कि राष्ट्रपति ट्रंप के पास इतना भारी शुल्क थोपने का कोई अधिकार नहीं है। यह संघीय कानून का उल्लंघन है, जो आव्रजन अधिकारियों को केवल उतनी ही फीस वसूलने की अनुमति देता है, जितनी वीज़ा कार्यक्रमों के संचालन (administration) के लिए आवश्यक हो।
- अनावश्यक वित्तीय बोझ: राज्यों का कहना है कि यह एक लाख डॉलर का शुल्क शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए अनावश्यक वित्तीय बोझ पैदा करेगा।
- कर्मचारियों की कमी (Labor Shortages): इस शुल्क के कारण स्कूलों, अस्पतालों और विश्वविद्यालयों में कुशल विदेशी कर्मचारियों को रखना मुश्किल हो जाएगा, जिससे इन आवश्यक सेवाओं में पहले से चल रही कर्मचारियों की कमी और गंभीर हो जाएगी।
- पूर्व शुल्क: पहले H-1B वीज़ा के लिए नियोक्ता आमतौर पर $2,000 से $5,000 के बीच शुल्क देते थे, जबकि कुल शुल्क $960 से $7,595 तक होता था।

💡 तकनीकी उद्योग पर प्रभाव (Impact on Tech Industry)
- निर्भरता: सिलिकॉन वैली और कैलिफ़ोर्निया में स्थित कई बड़ी टेक कंपनियाँ जैसे Amazon, Microsoft, Apple, Meta और TCS अपनी वर्कफोर्स के लिए इस वीज़ा पर बहुत अधिक निर्भर करती हैं।
- वीज़ा दुरुपयोग रोकना: व्हाइट हाउस ने अन्य मुकदमों के जवाब में इस फैसले का बचाव किया है, उनका कहना है कि यह वीज़ा दुरुपयोग को रोकने और अमेरिकी श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए ट्रंप की शक्तियों का वैध प्रयोग है।
यह कानूनी चुनौती इस फैसले के खिलाफ अब तक की कम से कम तीसरी बड़ी कानूनी कार्रवाई है, और अदालत का फैसला अमेरिकी आप्रवासन नीति और कुशल विदेशी कामगारों पर एक बड़ा प्रभाव डाल सकता है।

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