प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी पहली द्विपक्षीय इथियोपिया यात्रा के दौरान वहां के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया है। यह भारत और इथियोपिया के मजबूत होते संबंधों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।

मुख्य जानकारी: ‘द ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया’
16 दिसंबर 2025 को इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में आयोजित एक विशेष समारोह में, इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबी अहमद अली ने पीएम मोदी को यह सम्मान प्रदान किया।
- सम्मान का नाम: द ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया (The Great Honour Nishan of Ethiopia)
- महत्व: यह इथियोपिया का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान है।
- ऐतिहासिक रिकॉर्ड: पीएम मोदी यह सम्मान पाने वाले दुनिया के पहले विदेशी राष्ट्राध्यक्ष (Head of State/Government) बन गए हैं।
यात्रा के प्रमुख बिंदु (Key Highlights)
- 28वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान: यह पीएम मोदी को किसी विदेशी देश द्वारा दिया गया 28वां सर्वोच्च राजकीय सम्मान है।
- किसे समर्पित किया: पीएम मोदी ने इस सम्मान को भारत के 140 करोड़ नागरिकों और उन लोगों को समर्पित किया जिन्होंने दशकों से भारत-इथियोपिया संबंधों को मजबूत किया है।
- विशेष स्वागत: प्रधानमंत्री अबी अहमद ने खुद एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत किया और उन्हें खुद कार चलाकर होटल तक ले गए। रास्ते में उन्होंने मोदी को साइंस म्यूजियम और फ्रेंडशिप पार्क भी दिखाया।
द्विपक्षीय बैठक के नतीजे
दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत के दौरान कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए:
- रणनीतिक साझेदारी: भारत और इथियोपिया ने अपने संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ (Strategic Partnership) के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया।
- सहयोग के क्षेत्र: व्यापार, निवेश, रक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, डिजिटल बुनियादी ढांचा (DPI), और कृषि प्रौद्योगिकी जैसे 8 प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
- ग्लोबल साउथ: दोनों देशों ने ‘ग्लोबल साउथ’ की प्राथमिकताओं को विश्व मंच पर उठाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

पीएम मोदी का बयान
“दुनिया की सबसे पुरानी और समृद्ध सभ्यताओं में से एक द्वारा सम्मानित होना मेरे लिए गर्व की बात है। यह सम्मान उन अनगिनत भारतीयों का है, जिन्होंने हमारी साझेदारी को आकार दिया है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिसंबर 2025 में हुई इथियोपिया की पहली द्विपक्षीय यात्रा के दौरान भारत और इथियोपिया ने अपने संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ (Strategic Partnership) में अपग्रेड किया है। इस ऐतिहासिक दौरे पर 8 प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनका विवरण नीचे दिया गया है:
1. द्विपक्षीय संबंधों का अपग्रेडेशन
दोनों देशों ने अपने ऐतिहासिक रिश्तों को अब ‘रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दे दिया है। इसका अर्थ है कि अब रक्षा, सुरक्षा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में दोनों देश अधिक गहराई से सहयोग करेंगे।
2. आर्थिक और व्यापारिक समझौते
- सीमा शुल्क (Customs) सहयोग: सीमा शुल्क मामलों में आपसी प्रशासनिक सहायता और सहयोग के लिए समझौता हुआ। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार आसान होगा और तस्करी व धोखाधड़ी रोकने में मदद मिलेगी।
- ऋण पुनर्गठन (Debt Restructuring): G20 कॉमन फ्रेमवर्क के तहत इथियोपिया के कर्ज को पुनर्गठित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए, जो इथियोपिया की अर्थव्यवस्था को सहारा देगा।
3. शिक्षा और कौशल विकास
- ICCR छात्रवृत्ति: भारत में पढ़ाई करने वाले इथियोपियाई छात्रों के लिए छात्रवृत्ति (Scholarships) की संख्या को दोगुना कर दिया गया है।
- AI ट्रेनिंग: ITEC कार्यक्रम के तहत इथियोपियाई छात्रों और पेशेवरों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में विशेष अल्पकालिक (short-term) पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
4. स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा
- महात्मा गांधी अस्पताल का विस्तार: भारत अदीस अबाबा (इथियोपिया की राजधानी) में स्थित महात्मा गांधी अस्पताल की क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा, विशेष रूप से मातृ देखभाल और नवजात शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में।
- डेटा सेंटर की स्थापना: इथियोपिया के विदेश मंत्रालय में एक अत्याधुनिक डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए भारत सहयोग करेगा, जो उनके डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा।

5. रक्षा और शांति स्थापना
- संयुक्त राष्ट्र शांति सेना (UN Peacekeeping): दोनों देशों की सेनाएं संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशनों के लिए एक-दूसरे को प्रशिक्षण देने और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने पर सहमत हुई हैं।
निष्कर्ष: ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज
पीएम मोदी ने इस यात्रा के दौरान इथियोपिया की संसद को भी संबोधित किया और इस बात पर जोर दिया कि भारत और इथियोपिया मिलकर ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील देशों) की आवाज को दुनिया के सामने और मजबूती से रखेंगे।


Leave a comment