
कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में आज (25 दिसंबर, 2025) तड़के एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। नेशनल हाईवे 48 (NH-48) पर एक ट्रक और प्राइवेट स्लीपर बस के बीच हुई जोरदार टक्कर के बाद बस में भीषण आग लग गई, जिसमें कई यात्री जिंदा जल गए।
इस दुर्घटना की विस्तृत जानकारी (Detail in Hindi) नीचे दी गई है:
हादसे का मुख्य विवरण
- स्थान: गोरलाथु गांव के पास, हिरियूर तालुक, चित्रदुर्ग (Karnataka)।
- समय: गुरुवार तड़के लगभग 2:00 से 3:00 बजे के बीच।
- हताहत: रिपोर्टों के अनुसार, 10 से 12 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में ट्रक का ड्राइवर भी शामिल है।
- घायल: लगभग 21 यात्री घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है। उन्हें हिरियूर और चित्रदुर्ग के जिला अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
कैसे हुआ हादसा?
- लापरवाही: प्रारंभिक जांच के अनुसार, हिरियूर से बेंगलुरु की ओर जा रहे एक कंटेनर ट्रक के चालक ने नियंत्रण खो दिया। ट्रक डिवाइडर को कूदकर विपरीत दिशा वाली सड़क पर आ गया।
- टक्कर: ट्रक ने सामने से आ रही ‘सी बर्ड’ (Seabird) कंपनी की प्राइवेट स्लीपर बस को जोरदार टक्कर मारी। यह बस बेंगलुरु से शिवमोग्गा/गोकर्ण की ओर जा रही थी।
- आग का गोला बनी बस: टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के डीजल टैंक में धमाका हुआ और चंद सेकंडों में पूरी बस आग की लपटों में घिर गई।
- मची चीख-पुकार: बस में कुल 32 यात्री सवार थे। चूंकि हादसा तड़के हुआ, ज्यादातर यात्री नींद में थे। स्लीपर कोच होने और आग तेजी से फैलने के कारण कई यात्रियों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला।
बचाव कार्य और चश्मदीदों का बयान
- कुछ यात्रियों ने बस की खिड़कियों के शीशे तोड़कर जान बचाई। एक सर्वाइवर ने बताया कि टक्कर के बाद हर तरफ धुआं और चीखें थीं।
- मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आधे घंटे में आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कई यात्री अंदर ही दम तोड़ चुके थे।
- पुलिस के अनुसार, घटना के समय एक स्कूल बस भी पास से गुजरी थी जो बाल-बाल बच गई। उसके ड्राइवर ने घटना की आंखों देखी जानकारी पुलिस को दी है।
सरकार की सहायता
- मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के लिए ₹5 लाख तथा घायलों के लिए ₹50,000 की अनुग्रह राशि (Ex-gratia) की घोषणा की है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया के जरिए संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
नोट: बचाव अभियान अभी भी जारी हो सकता है और मृतकों की संख्या में बदलाव की संभावना है।

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